पोर्न फिल्म देखकर बच्चो ने किया 8 साल की बच्ची से से बलत्कार

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इंटरनेट के घर-घर तक पहुंचने के साथ ही पोर्न भी दबे पांव हर घर में घुस गया है

अब महानगर ही नहीं गांव कस्बे भी पोर्नोग्रापफी की गिरफ्त में आ गए हैं। पोर्न आसानी से मोबाइल द्वारा बच्चों तक पहुंच गया है। एक सर्वे के अनुसार दुनिया भर में पोर्न वेबसाइटों को देखे जाने की संख्या भारत में सबसे ज्यादा है। अभी एक ताजा मामले में 10 से 14 साल के पांच बच्चों ने देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मोबाइल पर पोर्न फ़िल्म देखकर एक आठ साल की बच्ची के साथ सामूहिक रेप कर दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पांचों नाबालिक बच्चों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्होंने मोबाइल पर पोर्न फ़िल्म देखने के बाद पड़ोस की बच्ची को टाॅफी देने के बहाने अपने साथ घर ले आए और बारी-बारी से उसके साथ दुराचार किया। इस घटना के बाद इंटरनेट के रास्ते घरों में घुसकर बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से अपराध् की ओर ढकेलती पोर्न वेबसाइट पर प्रतिबंध की मांग उठने लगी। आर्गेनाइजेशन फाॅर ह्यूमन राइट्स एंड एनवायरमेंट के अध्यक्ष भास्कर चुघ ने प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अनुरोध किया है कि भारत में पोर्न साइटों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाए। भास्कर चुघ का कहना है कि देश में तेजी से बलात्कार एवं सामूहिक बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि का मूल कारण आसानी से इंटरनेट पर उपलब्ध पोर्न मूवीज है। देहरादून के जिले के गांव में घटी यह पहली घटना नहीं है इससे पूर्व भी उत्तर प्रदेश और देश के अन्य कई भागों में इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सवाल यह है कि इस तरह की घटनाएं आखिर कब तक घटती रहेगी। क्या भारत में पोर्न वेबसाइटों पर रोक लगा पाना संभव है या नहीं?

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