तुलसी की पत्तियां खाने के 6 साइड इफेक्ट

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वैसे तो तुलसी की पत्तियों के सेहत से जुड़े ढेरों फायदे हैं जिस वजह से इसे आयुर्वेद के सुनहरे नुस्खे के रूप में जाना जाता है। करीब-करीब सभी भारतीय घरों में तुलसी का पौधा अवश्य होता है और लोग तुलसी की पूजा करने के साथ ही उसके औषधीय गुणों के कारण उसका इस्तेमाल भी करते हैं। यही वजह है कि शायद आपने भी कभी ये नहीं सोचा होगा कि तुलसी की पत्तियां खाने के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। लेकिन ढेरों फायदों से भरपूर तुलसी सभी लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होती। आगे की स्लाइड्स में जानें, किन लोगों को तुलसी की पत्तियां नहीं खानी चाहिए और इससे क्या-क्या नुकसान हो सकता है

1. गर्भवती महिलाओ के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक .

तुलसी की पत्तियां गर्भवती महिला की सेहत के साथ ही उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। गंभीर परिस्थितियों में तो गर्भपात तक का खतरा रहता है। इसकी वजह यह है कि तुलसी में ऐस्ट्रागॉल पाया जाता है जो गर्भाशय में सिकुड़न पैदा करता है जो गर्भावस्था के दौरान बेहद खतरनाक हो सकता है।

2. डायबीटीज के मरीजो के लिए नुकसानदेह

कई स्टडीज में इस बात का खुलासा हुआ है कि तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाता है। ऐसे में अगर कोई डायबीटीज पीड़ित व्यक्ति पहले से ही दवाईयों का सेवन कर रहा है तो दवा के साथ तुलसी की पत्तियां खाने से शरीर में शुगर का लेवल जरूरत से ज्यादा घट सकता है जो नुकसानदेह हो सकता है।

3. बच्चा पैदा करने की क्षमता पर असर

हालांकि इंसानों पर अब तक इस बारे में कोई विशेष रिसर्च नहीं की गई है लेकिन जानवरों पर की गई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से मेल और फीमेल दोनों ही जेंडर्स की फर्टिलिटी यानी बच्चा पैदा करने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ता है। तुलसी में प्रजनन संबंधी हॉर्मोन्स को मंद करने की क्षमता होती है और फर्टिलिटी कम होने की वजह भी यही है।

4. खून को पतला करती है

 

तुलसी की पत्तियां खून को पतला करने के लिए जानी जाती हैं। लिहाजा जो लोग खून को पतला करने के लिए दवा नहीं लेना चाहते वे तुलसी की पत्तियों का घरेलू नुस्खा आजमा सकते हैं। लेकिन जो पहले से ही खून को पतला करने की दवा खा रहे हैं उन्हें तुलसी की पत्तियों का सेवन नहीं करना चाहिए वरना उनकी सेहत पर विपरित प्रभाव पड़ सकता है।

5. लीवर को भी पंहुचा सकती है नुकसान

WHO के मुताबिक जो लोग एस्टामिनोफेन (दर्द निवारक) जैसी दवाइयों का सेवन करते हैं वे अगर तुलसी की पत्तियों का भी नियमित रूप से सेवन करें तो इससे उनके लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दोनों ही दर्द से छुटकारा दिलाने वाली चीजें हैं। जब ये दोनों चीजें शरीर में जाकर साथ में काम करने लगती हैं तो इससे लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।

6. दांतों पर पद जाते है दाग धब्बे

आपको हमेशा ही यह बताया गया होगा कि तुलसी की पत्तियों को चबाकर नहीं खाना चाहिए बल्कि सीधे निगल जाना चाहिए। इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण है तुलसी की पत्तियों में मौजूद आयरन जिसे चबाने पर दांतों में दाग-धब्बे पड़ सकते हैं। लिहाजा दांतों को बदरंग होने से बचाना है तो तुलसी की पत्तियों को सीधे निगल जाएं और चबाएं नहीं।

 

 

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